गुरुवार, 13 अक्टूबर 2022

मुख्यमंत्री डिजिटल सेवा योजना (Mukhyamantri Free Moblie Yojana 2022)

 मुख्यमंत्री डिजिटल सेवा योजना

                                          (Mukhyamantri Free Moblie Yojana 2022) 


राजस्थान सरकार द्वारा Mukhyamantri Free Moblie Yojana 2022 के तहत खाद्य सुरक्षा योजना में पंजीकृत  परिवार की महिला मुखियाओं या चिरंजीवी योजना से लाभान्वित परिवारों की महिला मुखियाओं को प्रदान ही फ्री स्माटफोन दिया जायेगा । इस योजना का नाम अब मुख्यमंत्री डिजिटल सेवा योजना कर दिया गया है ।  फ्री उपलब्ध करवाया गये  स्माटफोन  में 3 वर्ष तक इंटरनेट की सेवा भी प्रदान की जाएगी। यह स्मार्टफोन प्रदेश की 1 करोड़ 33 लाख महिलाओं को प्रदान किया जाएगा। स्मार्टफोन की प्राप्ति करने के लिए महिलाओं को किसी भी प्रकार के शुल्क का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है। Mukhyamantri Digital Seva Yojana 2022 को आरंभ करने की घोषणा बजट भाषण 2022-23 में की गई थी। यह योजना प्रदेश की महिलाओं के लिए डिजिटल सेवा को सुलभ बनाएगी। इसके अलावा सभी सरकारी योजनाओं की पहुंच भी महिलाओं तक सुनिश्चित करेगी। 


मुख्यमंत्री डिजिटल सेवा योजना का मुख्य उद्देश्य  महिलाओं को  डिजिटल सेवाओं की जानकारियों एवम् राज्य सरकारी दुवारा चलाई जा रही विभिन्न लाभकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी महिलाओं को प्राप्त हो सकेगी। यह योजना महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने में कारगर साबित होगी। इसके अलावा इस योजना के माध्यम से राजस्थान की महिलाओं के जीवन स्तर में भी सुधार आएगा। प्रदेश की महिलाएं Mukhyamantri Free Moblie Yojana के माध्यम से सभी डिजिटल सेवा का लाभ घर बैठे प्राप्त कर सकेंगी।

फ्री मोबाइल फ़ोन योजना के लिए जरूरी दस्तावेज की सूची नीचे दी गयी है :-

  • आधार कार्ड
  • राशन कार्ड
  • SSO ID
  • जन आधार कार्ड
  • Mobile Number
  • चिरंजीवी कार्ड
  • मोबाइल के लिए किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा।
  • यह मोबाइल स्क्रीन टच यानि स्मार्टफोन होगा।
  • मोबाइल में 3 साल तक फ्री इंटरनेट दिया जाएगा।
  • मोबाइल में 2 सिम कार्ड वाला दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री डिजिटल सेवा योजना के सम्बन्ध में राज्य सरकार दुवारा समय समय पर अपडेट गाइडलाइन जरी की जाएगी और प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित किया जायेगा

Mukhyamantri Free Moblie Yojana Status :





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💻 आर. के. मीणा



















बुधवार, 12 अक्टूबर 2022

करवा चौथ

                              करवा चौथ


करवा चौथ हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। यह भारत के राजस्थान, जम्मू, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में मनाया जाने वाला प्रमुख पर्व है। यह कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। यह पर्व सौभाग्यवती स्त्रियाँ मनाती हैं।
पुरे वर्ष में महिलाएं चार चौथ का व्रत रखती है उसमें कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चौथ का बड़ा महत्व है। इसको बड़ी चौथ भी कहते हैं।



इस पर्व पर  विवाहित स्त्रियों के साथ-साथ अविवाहित लड़कियां भी करवा चौथ का व्रत रखती है। सुबह स्नान करने के बाद करवा चौथ व्रत का संकल्प लेती है, उसके बाद चौथ माता की पूजा करती है और सभी महिलाएं एक साथ चौथ माता की कहानियां सुनती है। फिर अखंड सौभाग्य के लिए निर्जला व्रत रखती है। इस दिन पूजा के लिए 16 श्रृंगार करते हैं। इसके बाद पूजा के मुहूर्त में चौथ माता या मां गौरी और गणेश जी की विधि-विधान से पूजा करते हैं। पूजा के समय भगवान को गंगाजल, नैवेद्य, धूप-दीप, अक्षत्, रोली, फूल, पंचामृत आदि अर्पित करते हैं । दोनों को श्रद्धापूर्वक फल एवं हलवा-पूरी का भोग लगाते हैं । इसके बाद चंद्रमा के उदय होने पर अर्घ्य देते हैं और फिर बाद पति के हाथों जल ग्रहण करके व्रत का पारण करते हैं।



यह व्रत 12 वर्ष तक अथवा 16 वर्ष तक निरंतर प्रति वर्ष किया जाता है। अवधि पूरी होने के पश्चात इस व्रत का उद्यापन (उपसंहार) किया जाता है। जो सुहागिन स्त्रियाँ आजीवन रखना चाहें वे जीवनभर इस व्रत को कर सकती हैं। इस व्रत के समान सौभाग्यदायक व्रत अन्य कोई दूसरा नहीं है। अतः सुहागिन स्त्रियाँ अपने सुहाग की रक्षार्थ इस व्रत का सतत पालन करें।
भारत देश में वैसे तो चौथ माता जी के कई मंदिर स्थित है, लेकिन सबसे प्राचीन एवं सबसे अधिक ख्याति प्राप्त मंदिर राजस्थान राज्य के सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा गाँव में स्थित है। चौथ माता के नाम पर इस गाँव का नाम बरवाड़ा से चौथ का बरवाड़ा पड़ गया। चौथ माता मंदिर की स्थापना महाराजा भीमसिंह चौहान ने की थी।

कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करकचतुर्थी (करवा-चौथ) व्रत करने का विधान है। इस व्रत की विशेषता यह है कि केवल सौभाग्यवती स्त्रियों को ही यह व्रत करने का अधिकार है। स्त्री किसी भी आयु, जाति, वर्ण, संप्रदाय की हो, सबको इस व्रत को करने का अधिकार है। जो सौभाग्यवती (सुहागिन) स्त्रियाँ अपने पति की आयु, स्वास्थ्य व सौभाग्य की कामना करती हैं वे यह व्रत रखती हैं।
करवाचौथ में महिलाएं दिन भर उपवास रखकर रात में चन्द्रमा को अ‌र्घ्य देने के उपरांत ही भोजन करने का विधान है।

उपरोक्त जानकारी आपको कैसी लगी कमेंट और शेयर करे ।
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                                               🖋️आर.के.मीणा

बुधवार, 14 सितंबर 2022

हिन्दि दिवस

राष्ट्रीय हिन्दी दिवस

भारत हमारे दे हैं हमारे दे की राष्ट्र भाषा हिन्दी है। हमारे दे की हिन्दी भाषा पर हमें गर्व है। दे की एकता और अखण्डता मे हमारी हिन्दी भाषा का बहुत बड़ा योगदान हैं। भारत के अधिकतर राज्यों में आजादी के समय ज्यादातर हिन्दी भाषा ही बोली जाती थी। इसलिए उस समय के जन-प्रतिनिधि और विद्वानों ने हिन्दी को राष्ट्र भाषा बनाने का निर्णय किया गया। दे के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1949 से इस दिन को हिन्दी दिवस के तौर पर मनाने के घोषणा की थी। इसके बाद 14 सितम्बर 1953 से पूरे भारत में प्रतिवर्ष 14 सितम्बर को ‘’राष्ट्रीय हिन्दी दिवस’’ के रूप में मनाया जाता हैं।

हिन्दुस्तानी हैं हम गर्व करो हिन्दी भाषा पर,
समान देना और दिलाना दायित्व हैं हम पर।
 


स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद हिन्दी को राष्ट्र भाषा बनाने के लिए काका कालेलकर,हजारीप्रसाद द्विवेदी आदि महान् साहित्यकारों ने अथक प्रयास किया। हिन्दी भाषा को विश्व की 10 शक्तिशाली भाषाओं में गणना की जाती हैं। यह दिन पूरे भारत के लिए बडा महत्व एवं गर्व का दिन होता हैं।

इसका मुख्य उद्देश्य वर्ष में एक दिन इस बात से लोगो को अवगत कराना है कि जब तक हम लोग हिन्दी का उपयोग पूरी तरह से नहीं करेंगे तब तक हिन्दी भाषा का विकास सम्भव नहीं हैं। इस दिन सभी सरकारी कार्यालयों में अंग्रेजी के स्थान पर हिन्दी का उपयोग करने की सलाह दी जाती हैं। इसके अलावा जो वर्ष भर हिन्दी में अच्छे विकास कार्य करता है और अपने कार्य में हिन्दी का अच्छी तरह से उपयोग करता है, उसे राष्ट्रभाषा कीर्ति एवं राष्ट्रभाषा गौरव पुरस्कार द्वारा सम्मानित किया जाता हैं।

हिन्दी दिवस के दिन स्कुल,कॉलेजों व अन्य शैक्षणिक संस्थाओ और सरकारी कार्यालयो में कई प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जात हैं जैसे निबन्ध लेखन, लेख लेखन,भाषण आदि। प्रौत्साहन के रूप में पुरस्कार भी दिये जाते हैं।



 

हिन्दी है हमारी मातृभाषा सभी इसे जरूर अपनाऐ,

अपने बच्चों को हिन्दी पढना,लिखना जरूर सिखाऐ।

 

हिन्दी हमारी मातृभाषा हैं,मात्र एक भाषा नही।

हिन्दी दिवस की आप सभी को हादिक बधाई और शुभकामनाऐ।

 

                                                                                                                                                                                     आर.के. मीणा



गुरुवार, 8 सितंबर 2022

इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना

 इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना

इंदिरा गांधी शहरी रोजगार योजना का शुभारंभ 9 सितंबर 2022 माननीय मुख्यमंत्री महोदय के द्वारा किया जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्र में महात्मा गांधी नरेगा योजना की तर्ज पर शहरी क्षेत्र में भी इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना प्रारंभ की जाएगी जिसका लाभ नगर निगम एवं नगर पालिका क्षेत्र के लोगों को मिलेगी। उक्त क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति अपने परिवार का जॉब कार्ड बनवा सकता है उसके बाद रोजगार के लिए अपने क्षेत्र के नगर निगम या नगर पालिका में आवेदन कर सकता है।
माननीय मुख्यमंत्री 



जॉब कार्ड के लिए आवेदन-


उपरोक्त पोर्टल सूचना प्रौद्योगिकी संचार विभाग RajCAD टीम द्वारा डेवलप किया गया है।

यह सब सुविधा ऑनलाइन ही की जाएगी। इस योजना का लाभ लेने के लिए अपने नजदीकी मित्र केंद्र, ऑनलाइन पोर्टल स्वय एसएसओ आईडी के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
रोजगार मांगने के लगभग 15 दिन में जॉब कार्ड धारक को नगर निगम या नगर पालिका क्षेत्र में  रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा। जिससे बेरोजगार लोगों को रोजगार अपने घर के नजदीक ही मिल सकेगा




इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना है। इस योजना के माध्यम से शहरी क्षेत्रों मैं मनरेगा के तर्ज पर मांगे जाने वाले काम पर 100 दिन का रोजगार प्रदान किया जाएगा।

 
योजना का नाम इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना
किसने आरंभ की राजस्थान सरकार
लाभार्थी राजस्थान के नागरिक
उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को रोजगार प्रदान करना
आधिकारिक वेबसाइट irgyurban.rajasthan.gov.in
साल 2022
राज्य राजस्थान
आवेदन का प्रकार ऑनलाइन/ऑफलाइन
ऑनलाइन आवेदन व अन्य जानकारी के लिए उपरोक्त लिंक पर क्लिक करें -
https://irgyurban.rajasthan.gov.in/Home/Index




 रोजगार मिलने से वह अपने परिवार का पालन पोषण करने में मदद मिलेगी। आप सबसे निवेदन है कि राज्य सरकार द्वारा शुभारंभ की जा रही इंदिरा गांधी शहरी रोजगार योजना का लाभ अवश्य प्राप्त करें और अन्य लोगों को भी इस योजना के बारे में बताएं।

अधिक से अधिक लोगों को जानकारी शेयर करें।
धन्यवाद

                                        🖋️ आर. के. मीणा 


बुधवार, 31 अगस्त 2022

कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती 2022 Result (Rajasthan Computer Instructor Recruitment 2022 Result)

कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती 2022 Result (Rajasthan Computer Instructor Recruitment 2022 Result) 


Rajasthan Computer Teacher Result 2022 कब जारी किया जाएगा?

Rajasthan Computer Teacher Result 2022 Download Link :-

https://rsmssb.rajasthan.gov.in/page?menuName=Home

कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती 2022Computer Teacher Result 2022:  राजस्थान कंप्यूटर  टीचर परीक्षा 2022 का रिजल्ट rsmssb.rajasthan.gov.in द्वारा september 2022 के प्रथम साप्ताह में जारी हो सकता है । राजस्थान अधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड (RSMSSB) ( ने राजस्थान कंप्यूटर टीचर उत्तर कुंजी जारी कर दी है और उम्मीदवारों द्वारा आपत्ति दर्ज की है। अब विभाग राजस्थान कंप्यूटर अनुदेशक लिखित परीक्षा का परिणाम september 2022 के प्रथम साप्ताह में जारी कर रहा है, इसकी पूरी तैयारी हो गई है ।

10157 कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती  लिखित परीक्षा का परिणाम जारी होगा 

राजस्थान सरकार  बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशक 9862  और  वरिष्ठ कम्प्यूटर अनुदेशक 395 पदों पर भर्ती कर रहा है उक्त  भर्ती के बाद सभी दुवारा सरकारी विद्यालयों में  कंप्यूटर  टीचर  मिलेगे  जिससे विद्यार्थियों को  कंप्यूटर  शिक्षा मिलने लगेंगी।

राजस्थान कंप्यूटर टीचर रिजल्ट 2022

राजस्थान कंप्यूटर टीचर भर्ती के लिए परीक्षा का आयोजन 18 जून को और 19 जून को किया गया  RSMSSB राजस्थान कंप्यूटर टीचर रिजल्ट 2022 लिखित परीक्षा का परिणाम september 2022 के प्रथम साप्ताह में जारी कर रहा है

Rajasthan Computer Teacher Result 2022 यह रहा रिजल्ट चेक करने का लिंक 


 rsmssb.rajasthan.gov.in





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https://rkm1798.blogspot.com/






सोमवार, 29 अगस्त 2022

मुख्यमंत्री वर्क फ्रॉम होम योजना 2022

 https://www.youtube.com/watch?v=TIJ6JbdCjLg

मुख्यमंत्री वर्क फ्रॉम होम योजना 2022

मुख्यमंत्री वर्क फ्रॉम होम योजना: -  राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान की महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए  वित्तीय वर्ष 2022-23 के बजट की घोषणा की गई है। इस योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। इस योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाएं अपने घर से काम कर सकेंगी। जिससे कि परिवार के आय में वृद्धि होगी। इस योजना का लाभ प्रदेश की  लगभग 20000 महिलाओं को प्रदान किया जाएगा। अब प्रदेश की महिलाओं को काम करने के लिए कहीं भी जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। वह घर बैठे काम कर सकेंगी। इस योजना के अंतर्गत विधवा महिला, तलाकशुदा महिला आदि को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। महिलाओं को राजस्थान नॉलेज कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। सरकारी और प्राइवेट क्षेत्र अस्थाई रोजगार प्राप्त किया जा सकेगा । 

माननीय  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी के द्वारा 26 अगस्त  2022 को ''महिला समानता दिवस '' अवसर पर मुख्यमंत्री वर्क फ्रॉम होम योजना का लोकार्पण किया है। 

महिला अधिकारिता निदेशालय द्वारा वर्क फ्रॉम होम योजना पोर्टल बनवाया गया है:-

मुख्यमंत्री वर्क फ्रॉम होम योजना पोर्टल का विकास निदेशालय महिला अधिकारिता निदेशालय करवाया गया है उक्त पोर्टल सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग (RAJCAD) टीम  दुवारा तैयार किया गया है विभाग आवेदन करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट लांच  https://mahilawfh.rajasthan.gov.in/ की गई है  इस पोर्टल के मध्यम से कोई भी महिला ऑनलाइन आवेदन कर सकती है । 


                                                                                                                   आर. के मीणा

                                                                          

रविवार, 27 मार्च 2022

शहीदी भगतसिंह

 भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर, 1907 को पंजाब के जिला लायलपुर में बंगा गांव (जो अभी पाकिस्तान में है) के एक देशभक्त सिख परिवार में हुआ था, जिसका अनुकूल प्रभाव उन पर पड़ा था। उनके पिता का नाम सरदार किशन सिंह और माता का नाम विद्यावती कौर था। यह एक सिख परिवार था जिसने आर्य समाज के विचार को अपना लिया था।

यह एक सिख परिवार था जिसने आर्य समाज के विचार को अपना लिया था। उनके परिवार पर आर्य समाज व महर्षि दयानंद की विचारधारा का गहरा प्रभाव था। भगत सिंह के जन्म के समय उनके पिता 'सरदार किशन सिंह' एवं उनके दो चाचा 'अजीत सिंह' तथा 'स्वर्ण सिंह' अंग्रेजों के खिलाफ होने के कारण जेल में बंद थे। 

अमृतसर में 13 अप्रैल 1919 को हुए जलियांवाला बाग हत्याकांड ने भगत सिंह की सोच पर इतना गहरा प्रभाव डाला कि लाहौर के नेशनल कॉलेज की पढ़ाई छोड़कर भगत सिंह ने भारत की आजादी के लिए नौजवान भारत सभा की स्थापना की। 

इसके बाद भगत सिंह ने राजगुरु के साथ मिलकर 17 दिसंबर 1928 को लाहौर में सहायक पुलिस अधीक्षक रहे अंग्रेज अधिकारी जेपी सांडर्स को मारा। इस कार्रवाई में क्रां‍तिकारी चंद्रशेखर आजाद ने भी उनकी पूरी सहायता की। इसके बाद भगत सिंह ने अपने क्रांतिकारी साथी बटुकेश्वर दत्त के साथ मिलकर अलीपुर रोड़ दिल्ली स्थित ब्रिटिश भारत की तत्कालीन सेंट्रल असेंबली के सभागार में 8 अप्रैल 1929 को अंग्रेज सरकार को जगाने के लिए बम और पर्चे फेंके। बम फेंकने के बाद वहीं पर उन दोनों ने अपनी गिरफ्तारी भी दी।

 

इसके बाद 'लाहौर षडयंत्र' के इस मुकदमें में भगत सिंह को और उनके दो अन्य साथियों, राजगुरु तथा सुखदेव को 23 मार्च, 1931 को एक साथ फांसी पर लटका दिया गया। यह माना जाता है कि मृत्यु दंड के लिए 24 मार्च की सुबह ही तय थी, लेकिन लोगों के भय से डरी सरकार ने 23-24 मार्च की मध्यरात्रि ही इन वीरों की जीवनलीला समाप्त कर दी और रात के अंधेरे में ही सतलज के किनारे उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया। 

 

यह एक संयोग ही था कि जब उन्हें फांसी दी गई और उन्होंने संसार से विदा ली, उस वक्त उनकी उम्र 23 वर्ष 5 माह और 23 दिन थी और दिन भी था 23 मार्च। अपने फांसी से पहले भगत सिंह ने अंग्रेज सरकार को एक पत्र भी लिखा था, जिसमें कहा था कि उन्हें अंग्रेजी सरकार के खिलाफ भारतीयों के युद्ध का प्रतीक एक युद्धबंदी समझा जाए तथा फांसी देने के बजाए गोली से उड़ा दिया जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 

 

भगत सिंह की शहादत से न केवल अपने देश के स्वतंत्रता संघर्ष को गति मिली बल्कि नवयुवकों के लिए भी वह प्रेरणा स्रोत बन गए। वह देश के समस्त शहीदों के सिरमौर बन गए। भारत और पाकिस्तान की जनता उन्हें आजादी के दीवाने के रूप में देखती है जिसने अपनी जवानीसहित सारी जिंदगी देश के लिए समर्पित कर दी। उनके जीवन पर आधारित कई हिन्दी फिल्में भी बनी हैं जिनमें- द लीजेंड ऑफ भगत सिंह, शहीद, शहीद भगत सिंह आदि। आज भी सारा देश उनके बलिदान को बड़ी गंभीरता व सम्मान से याद करता है।

क्या आप अपने सालों पुराने बैंक खातों में पैसे रखकर भूल गए हैं? अब आया याद तो निकालें कैसे? RBI ने बताया तरीका

  क्या आप अपने  सालों   पुराने बैंक खातों में पैसे रखकर भूल गए हैं?  अब आया याद तो निकालें कैसे? RBI ने बताया तरीका भा रतीय रिजर्व बैंक के न...