बुधवार, 8 मार्च 2023

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस ( International Women's Day)

 

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस

 ( International Women's Day)

     अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हर वर्ष 8 मार्च को को मनाया जाता है। महिलाओं के विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान तथा उपलब्धियों को पहचान दिलाने के लिए यह हर वर्ष मनाया जाता है। 

      प्रथम विश्व युद्ध के दौरान जब पुरुष युद्ध पर थे, तब महिलाएं भोजन की कमी से जूझ रही थी। सरकारें भी उनकी बात नहीं सुन रही थी इसलिए 8 मार्च 1917 में हजारों रूसी महिलाओं ने बदलाव की मांग करते हुए सड़कों पर उतरीं। तब रूस ने 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को आधिकारिक अवकाश घोषित किया। संयुक्त राष्ट्र ने इसे आधिकारिक बनाने के लिए 1975 में 8 मार्च को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। तब से हर वर्ष 8 मार्च "अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस " मनाया जाता है।  संयुक्त राष्ट्र 1996 में इस दिन को नई थीम के साथ मनाया, पहली बार महिला दिवस की थीम "अतीत का जश्न, भविष्य के लिए योजना बनाना" थी।

 

      अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की आवश्यकता नहीं होती यदि महिलाओं की स्थिति प्रारम्भ से ही सही होती। अभी भी शायद ही कुछ लोग इस दिवस के बारे में जानकारी रखते होंगे, इतने सालों में न जाने कितने बार हम अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मन चुके हैं पर सच्चाई तो यही है की महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों में कोई परिवर्तन विशेष रूप से आया हो। भारत ही नहीं अन्य विकसित देशों की महिलाओं की स्थिति कुछ ऐसे ही दिखाई पड़ती हैं किन्तु कहा जा सकता है की समयानुसार वहां पहले की तुलना में महिलाओं का अच्छा खासा महत्त्व है उनके सामजिक और शैक्षिक दृष्टि से उत्थान हुआ है समय-समय पर महिलाओं ने देश की उन्नति में अपना विशेष महत्त्व दिया है। भारत में कुछ हद तक महिलाओं की स्थिति में परिवर्तन आया है पर यह काफी नहीं है।


 

        आज भारत ही नही पुरे विश्व की महिलाये किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नही है आज महिलाये राजनीति, व्यापार, खेल, विज्ञान, कला,सगीत आदि में अपना लोहा मनवा रही है     
इस वर्ष के अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की थीम है “डिजिटऑल: लैंगिक समानता के लिए प्रौद्योगिकी और नवाचार” है, जो हम सभी को लैंगिक पूर्वाग्रह और असमानता को चुनौती देने के लिए प्रोत्साहित करती है, जहाँ भी हम इसे देखते हैं। हमारी दुनिया में लैंगिक असमानता एक व्यापक समस्या बनी हुई है, और महिलाओं को अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में कई बाधाओं का सामना करना पड़ता है।

 


     अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को मनाने का मंतव्य यही था कि महिलाओं को उनकी क्षमता प्रदान की जाए तथा महिला सशक्तिकरण किया जाए। मानसिकता कहें या जड़ता, कहीं न कहीं पुरुष महिलाओ को अपने से नीचा समझता आया है इस मानसिकता में परिवर्तन करना बहुत जरुरी था और यह केवल महिलाओं को बेहतर अवसर प्रदान करके ही किया जा सकता था।

 

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                                                               🖋️आर.के.मीणा


मंगलवार, 7 मार्च 2023

होली

रंगों का त्योहार होली 

होली का त्योहार आकर्षक और सतरंगी रंगों का त्योहार है, यह एक ऐसा त्योहार है जो हर धर्म, संप्रदाय, जाति के बंधन की सीमा से परे जाकर लोगों को भाई-चारे का संदेश देता है। लोग अपने पुराने गिले-शिकवे भूल कर गले मिलते हैं और एक दूजे को गुलाल और रंग लगाते हैं और एक-दूसरे को होली के पावन पर्व की शुभकामनाएँ देते हैं।




होली वसंत ऋतु में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण भारतीय और नेपाली लोगों का त्यौहार है। यह पर्व हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है।

होलिका प्रह्लाद को मारने के लिए उसके साथ चिता पर बैठ गई। लेकिन प्रह्लाद को कोई नुकसान नहीं हुआ जबकि होलिका आग में जलकर मर गई। इसके बाद भगवान विष्णु ने नरसिंह का रूप धारण कर हिरण्यकशिपु का वध कर दिया। होलिका दहन के दौरान, भक्त पानी के बर्तन लेकर अलाव के चारों ओर चलते हैं और प्रार्थना करते हैं।

धुलंडी:-होली दहन के दूसरे दिन, लोग रंगों से खेलते हैं और पानी और रंगीन पाउडर से सराबोर हो जाते हैं। कुछ लोग सुगंधित पानी का उपयोग करते हैं, लेकिन आजकल ज्यादातर लोग व्यावसायिक रूप से तैयार किए गए रंगों का उपयोग करते हैं।



गुजिया और अन्य व्यंजन:- होली के दौरान लोग मिठाई और नमकीन खाकर खुशी मनाते हैं। उदाहरण के लिए, एक मीठी पेस्ट्री है जिसे गुजिया कहा जाता है, एक स्वादिष्ट नाश्ता जिसे मठरी कहा जाता है, और एक ठंडा पेय जिसे ठंडाई कहा जाता है।


संगीत और नृत्य: जब संगीत और नृत्य शामिल होता है तो लोग उत्सव का अधिक आनंद लेते हैं। वे एक साथ मिलते हैं और ढोल (एक प्रकार का ढोल) की थाप पर नाचते हैं या लोक गीत गाते हैं।

रंगों के त्योहार होली और धुलंडी पर आपको और आपके परिवार को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।
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                                          🖋️आर.के.मीणा

सोमवार, 13 फ़रवरी 2023

दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे का उद्घाटन (Delhi-Mumbai Expressway Inauguration)

RKM TECH INFO 

Delhi-Mumbai Expressway Inauguration

(दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी)

 

दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे :- दौसा जिले के धनावड गांव में 12 फरवरी 2023 रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पहले फेज का उद्घाटन कर दिया है। मंच पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सहित कई मंत्रियों की मौजूदगी में पीएम मोदी ने इस एक्सप्रेसवे के पहले खंड का लोकार्पण किया। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत वीडियो कांफ्रेंस के जरिये कार्यक्रम में शामिल हुए । यात्रियों को इस एक्सप्रेस-वे पर यात्री सुविधा केंद्र, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन, ट्रामा सेंटर आदि सुविधाएं भी प्राप्त होंगी। दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस हाईवे के पहले चरण में हरियाणा के सोहना- दौसा खंड का काम पूरा हो चुका है। यह खंड 220 किलोमीटर का
है। जबकि दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस हाईवे कुल
1350 किलोमीटर का है। यह एक्सप्रेस वे दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, और महाराष्ट्र राज्यों से होकर गुजरेगा।

                                              (दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे)

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की 10 विशेषताओं के बारे में बताया :-

1.     सबसे लंबा एक्सप्रेसवे- दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की दूरी 1386 किलोमीटर की है। यह एक्सप्रेसवे देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे बन जाएगा।

2.     शानदार स्टॉपेज- दिल्ली से मुंबई तक पूरे 93 जगहों पर स्टॉपेज सुविधा मिलेगी, जहां यात्री गाड़ी को ठंडा कर सकते हैं, रेस्ट और जलपान भी कर सकते हैं। दिल्ली से मुंबई तक जाने में हर 50 किलोमीटर पर एक स्टॉपेज जरूर मिलेगा।

3.     टोल फैसिलिटी- टोल के मामले में यह हाईवे सबसे अलग है, क्योंकि इसमें जगह-जगह पर आपको टोल प्लाजा से नहीं गुजरना पड़ेगा। हाईवे से जब आप एग्जिट करेंगे, तब आपको किलोमीटर के अनुसार टोल का भुगतान करना पड़ेगा।

4.     इको फ्रैंडली एक्सप्रेसवे- इस एक्सप्रेस वे पर आपको जगह-जगह पेड़-पौधे लगाये जायेगे।

5.     10- दूरी कम- पहले दिल्ली से मुंबई तक का सफर तय करने में 24 घंटे का समय लगता था, लेकिन इस एक्सप्रेस के खुल जाने के बाद अब यह दूरी मात्र 12 घंटे लगभग आधा हो जाएगी। इसका मतलब यह है कि आपका समय तो बचेगा ही इसके साथ साथ आप 136 किलोमीटर कम गाड़ी चलाएंगे, जिसका सीधा असर आपके बजट पर पड़ेगा।

6.     ईवी यूजर्स के लिए सुविधा- अगर आप ईवी से ये सफर तय करना चाहते हैं तो आपको बता दें, इस एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह ईवी चार्जिंग प्वांइट्स मिलने वाले हैं।

7.     हेल्थ फैसिलिटी- आपको प्रत्येक 100 किलोमीटर पर एक ट्रामा सेंटर मिलेगा जहां इमरजेंसी के दौरान जरूरतमंद का इलाज होगा।

8.     टेक्नोलॉजी- जर्मन टेक्नोलॉजी बेस्ड यह एक्सप्रेसवे इतना एडवांस है कि अब दिल्ली से मुंबई का सफर आधा हो जाएगा। इसके अलावा, दूरी कम होने की वजह से फ्यूल भी कम लगेगा।

9.     एनिमल पास- जानवरों को रोड पास करने के लिए जगह-जगह पर एनिमल पास बनाया गया है, ताकि जानवर सड़कों पर न आ सकें और संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।

10.   ऑटोमेटिक कटेगा चालान

 

    (दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे)

 

पर्यटक स्थलों को  भी लाभ मिलेगा :- पीएम ने कहा कि ट्रांसपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास में भारत आज सबसे ज्यादा काम कर रहा है. इस आधुनिक कनेक्टिविटी का लाभ सरिस्का टाइगर रिजर्व, केवलादेव और रणथम्भोर नेशनल पार्क, जयपुर, अजमेर जैसे अनेक पर्यटक स्थलों को भी होगा। 
 
देश के पांच राज्यों और राजस्थान के सात जिलों से गुजर रहा है दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे हाइवे :- दिल्ली से मुंबई तक बन रहे एक्सप्रेस वे से वैसे तो देश के हर उस यात्री को राहत मिलेगी जो एक्सप्रेस  देश के पांच राज्य  दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में होकर एक्सप्रेस वे बनाया जा रहा है वहीं, राजस्थान के 7 जिलों अलवर, भरतपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, टोंक, बूंदी और कोटा होता हुआ हाईवे मुंबई तक जा रहा है। जिससे इन राज्य के लोगों को रोजगार मिलेगा और इनका सर्वाधिक विकास होगा
 
                                        
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                                                                                                              🖋️ आर के मीणा

                              
 
                                                                                                                
 

सोमवार, 16 जनवरी 2023

Informatics Assistant (सूचना सहायकों) Recruitment 2023: सूचना सहायक के 2730 पदों के लिए अधिसूचना जारी

 

RSMSSB

 Informatics Assistant Recruitment 2023: राजस्थान में 2730 सूचना सहायकों की भर्ती के लिए अधिसूचना जारी :-  
आवेदन - 27 जनवरी 2023 से  25 फरवरी तक कर सकते है।
उक्त पद सूचना प्रोद्योगिकी और संचार विभाग के लिए की जा रही है/
राजस्थान सरकार के अनुसूचित क्षेत्र अधीनस्थ, मंत्रालयिक एवं चतुर्थ श्रेणी सेवा के अंतर्गत सूचना सहायकों की भर्ती के लिए अधिसूचना राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (आरएसएमएसएसबी) द्वारा जारी की गई है। बोर्ड द्वारा आज, 16 जनवरी 2023 को जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य के गैर अनुसूचित क्षेत्र के लिए 2415 और अनुसूचित क्षेत्र के लिए 315 सूचना सहायकों की भर्ती की जानी है। वहीं, कुल घोषित पदों में से 30 फीसदी रिक्तियां महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित रहेंगी।

RSMSSB Informatics Assistant Recruitment 2023: राजस्थान सूचना सहायक भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया :-



राजस्थान सूचना सहायक भर्ती के लिए योग्यता :-

राजस्थान में सूचना सहायकों की भर्ती के लिए आवेदन के इच्छुक उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या किसी अन्य उच्च शिक्षा संस्थान से कंप्यूटर विज्ञान या कंप्यूटर इंजीनियरिंग या कंप्यूटर अप्लीकेशन या कंप्यूटर साइंस व इंजीनियरिंग या इलेक्ट्रॉनिक्स या इलेक्ट्रॉनिक्स व कम्यूनिकेशन या इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में ग्रेजुएट या हायर डिग्री उत्तीर्ण होना चाहिए। सामान्य स्नातक के साथ कंप्यूटर डिप्लोमा किए उम्मीदवार भी आवेदन के पात्र हैं। साथ ही, उम्मीदवारों की आयु 1 जनवरी 2024 को 21 वर्ष से कम 40 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। राज्य के आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में छूट राजस्थान सरकार के नियमों के अनुसार दी गई है

पदों का वर्गों के अनुसार विवरण :-


राजस्थान सूचना सहायक भर्ती 2023 Application Fees : 

राजस्थान सूचना सहायक भर्ती 2023 के लिए एप्लीकेशन फीस सामान्य ओबीसी अभ्यर्थियों के लिए ₹400 एससी एसटी कैटेगरी के लिए ₹250 अन्य कैटेगरी के लिए ₹250 इसके अलावा एप्लीकेशन फीस कि अधिक जानकारी ऑफिशल नोटिफिकेशन में दी जाएगी।

  • सामान्य वर्ग एवं क्रीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग /अति पिछड़ा वर्ग के आवेदक हेतु : 450 रुपए
  • राजस्थान के नॉन क्रीमलेयर श्रेणी के पिछड़ा वर्ग/ अति पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आवेदक हेतु : 350 रुपए
  • समस्त विशेष योग्यजन एवं राज्य के अनुसूचित जाति /अनुसूचित जनजाति के आवेदन हेतु : 250 रुपए
  • सभी वर्ग के ऐसे अभ्यर्थी जिनके परिवार की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपए से कम है, के लिए अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के समान ही परीक्षा शुल्क 250 रुपए देय होगा
  • अधिक जानकारी के लिए   https://rsmssb.rajasthan.gov.in/ पर देखें /
Rajasthan सूचना सहायक लिखित परीक्षा का पाठ्यक्रम:-


                                                                                                                     🎤  आर के मीणा

क्या आप अपने सालों पुराने बैंक खातों में पैसे रखकर भूल गए हैं? अब आया याद तो निकालें कैसे? RBI ने बताया तरीका

  क्या आप अपने  सालों   पुराने बैंक खातों में पैसे रखकर भूल गए हैं?  अब आया याद तो निकालें कैसे? RBI ने बताया तरीका भा रतीय रिजर्व बैंक के न...